30 सितम्बर को बाबरी मस्जिद का फैसला आने वाला है, हो सकता हे इस फैसले
से कुछ विवाद हो !
विभिन्न धार्मिक पार्टी उकसाए , मंदिर और मस्जिद की बात करे, तब एक बात
याद रखना की दंगो में मरने वाला ना हिन्दू होता है ना मुसलमान वो सिर्फ
किसी का भाई , बेटा , बाप या किसी के घर का चिराग होता है, वो सिर्फ और
सिर्फ इंसान होता है. कोई हिन्दू या मुसलमान नहीं होता है और इसी
इंसानियत के नाते एस मेसेजे को जितना हो सके फैला दो और बचा लो बेगुनाहों
को.
धन्यवाद
एक भारती